देखो ना…


ज़रा आके तुम देखो न किसका यह साया है
सब कहते हैं दुनिया में मेरी कोई आया है

दिखती हैं अक्सर परछाइयाँ बहुत सी
फिर साथ मेरे कोई क्यूँ नहीं चल पाया है

पिटारा भरा है यहाँ पे सवालों से
मुहब्बत को कोई भला कब समझ पाया है

हैरान सी बैठी हूँ उलझी हुई मैं
दिल ने ये गीत आज कौन सा गाया है

कुछ तो वजह होगी अपने टकराहट की
ज़िन्दगी ने क्यूँ यूँ तुमसे मिलवाया है

3 thoughts on “देखो ना…

  1. Each one of us meet for a purpose 😊 Some remain unanswered 💐👌

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