मत हो तू उदास…


मत हो तू उदास, मैं हूं ना तेरे पास
जगह की दूरी से कैसा शिकवा,
दिल की दूरी से आती है बास

सखी सहेली औ’ ठहाके हैं यहां
जो तू नहीं तो कुछ आए ना रास
मत हो तू उदास, मैं हूं ना तेरे पास

मोहब्बत की हक़ीकत बताते हैं सब
पर दिल नादां ना छोड़े है आस
मत हो तू उदास, मैं हूं ना तेरे पास

बंधा है मन जाने रिश्तों में कितने
तुझ संग पर नाता है कुछ तो ख़ास
मत हो तू उदास, मैं हूं ना तेरे पास

2 thoughts on “मत हो तू उदास…

  1. Apne aap ko mehsos kiya tere saath ..Nahi hu udaas kyoki tu hai mere paas…Super like👍

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